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Saturday, April 20, 2024
धर्म कर्म

क्या आप भी हैरान हैं ?

Visfot News

आचार्य ब्रजपाल शुक्ल, वृंदावन धाम\
दुनियां की तस्वीर देखकर, हर कोई हैरान है।
अपने ही परिवार से देखो, हर कोई हैरान है।।
(1) कहीं पत्नियां, पतियों को धोखा देकर के चलीं गईं ।
कहीं दुष्ट पतियों के कारण, जलकर मरकर स्वर्ग गईं ।।
किसी न किसी से इस दुनियां में हर कोई परेशान है।
अपने ही परिवार से देखो, हर कोई है हैरान है।।
(2) किसी का पुत्र पढ़ा, पढ़ लिखकर मात पिता को छोड़ गया।
किसी का पुत्र पढ़ा होने पर
भी, घर आकर बैठ गया।।
शादीशुदा नाकारे पुत्रों से पिता हैरान है।
अपने ही परिवार से देखो हर कोई हैरान है।।
(3) किसी की पुत्री इतनी पढ़ गईं , सब मर्यादा तोड़ चलीं।
जाति पांत का बंधन छोड़ा, घर परिवार को छोड़ चलीं।।
ऐसे पिता से अब क्या पूंछें, वो कितना हैरान है।
अपने ही परिवार से देखो हर कोई हैरान है।।
(4) भाई,भाई को धोखा देकर बहुत चतुरता दिखलाए।
सहन करे जो, उसको ही आकर समाज फिर सिखलाए।।
सहन करे न ,तो आफत है, सहन करे हैरान है।
अपने ही परिवार से देखो हर कोई हैरान है।।
(5) पति के दुर्गुण से पत्नी, भी नरक का जीवन जीतीं हैं।
सहन कर रहीं, घुटतीं रहतीं घूंट घूंट दुख पीतीं हैं।।
पति के जिंदा होने पर भी, माँ बच्चा हैरान है।
अपने ही परिवार से देखो हर कोई हैरान है।।
(6) सबका दुख ” ब्रजपाल” देखकर प्रभु की ओर निहार रहा।
अपना घर, अपना आंगन, चुपचाप ही बैठ बुहार रहा।।
लगता है कि भजन भक्ति बिन, सारी दुनियां हैरान है।
अपने ही परिवार से देखो हर कोई हैरान है।।

RAM KUMAR KUSHWAHA
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