Please assign a menu to the primary menu location under menu

Tuesday, May 28, 2024
देश

संसदीय पैनल ने की सिफारिश, सिख और मराठा नायकों का इतिहास की पुस्तकों में बढ़ेगा कद

Visfot News

नई दिल्ली

शिक्षा पर बनी एक संसदीय समिति ने सिफारिश की है कि पाठ्यपुस्तकों में सिख और मराठा स्वतंत्रता सेनानियों का चित्रण निष्पक्षता से हो और महिलाओं की भूमिका को भी शामिल किया जाए। समिति ने कहा है कि कई ऐतिहासिक शख्सियतों और स्वतंत्रता सेनानियों को गलत तरीके से ''अपराधियों'' के रूप में चित्रित किया गया है। समित ने सिफारिश की है कि इतिहास की पाठ्यपुस्तकों में उन्हें उचित सम्मान देने के लिए भारत के स्वतंत्रता संग्राम के नायकों के गलत चित्रण को ठीक किया जाना चाहिए।

''स्कूल की पाठ्य पुस्तकों की सामग्री और डिजाइन में सुधार'' विषय पर स्थायी समिति की रिपोर्ट में पाठ्यक्रम में सिख और मराठा इतिहास के साथ-साथ पुस्तकों को लिंग-समावेशी बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। राज्यसभा सदस्य विनय सहस्रबुद्धे की अध्यक्षता वाली समिति की रिपोर्ट को मंगलवार को संसद में पेश किया गया।

इसमें कहा गया है कि भारतीय इतिहास से जुड़ी पाठ्य पुस्तकों में इतिहास की सभी अवधि के उपयुक्त उद्धरण का उल्लेख किया जाना चाहिए जिसमें प्राचीन, मध्यकालीन और आधुनिक इतिहास शामिल है। रिपोर्ट में कहा गया है, ''समिति ने अपनी बातचीत के दौरान गौर किया कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के कई ऐतिहासिक शख्सियतों और स्वतंत्रता सेनानियों को अपराधियों के रूप में गलत तरीके से चित्रित किया गया है। इसलिए, समिति का विचार है कि स्वतंत्रता संग्राम के हमारे नायकों के गलत चित्रण को ठीक किया जाना चाहिए और उन्हें हमारी इतिहास की पाठ्यपुस्तकों में उचित सम्मान दिया जाना चाहिए।''

RAM KUMAR KUSHWAHA

1 Comment

Comments are closed.

भाषा चुने »