Please assign a menu to the primary menu location under menu

Friday, December 2, 2022
खास समाचारमध्यप्रदेश

2018 से संविलियन की वाट जोह रहे अध्यापक

Visfot News

एक जुलाई 2018 को हो जाना था संविलियन
भोपाल। प्रदेश के हजारों की संख्या में अध्यापकों के शिक्षा विभाग में संविलियन की प्रक्रिया अधर में लटक गई है। । अध्यापकों का संविलियन एक जुलाई 2018 में ही हो जाना था, लेकिन विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के कारण संविलियन की फाइल कब कहां अटक गई यह कोई नहीं बता रहा। उक्त आरोप लगाते हुए मध्यप्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ अध्यापक प्रकोष्ठ ने लगाए हैं। प्रकोष्ठ के योगेंद्र दुबे, मुकेश सिंह ने जारी बयान में बताया कि तकनीकी एवं विभागीय कारणों से अध्यापकों का शिक्षा विभाग में संविलियन आज दिनांक तक नही हुआ। जिससे संभाग के सैकड़ों आध्यपक परेशान है। इस संबंध में संयुक्त संचालक कार्यालय और जिला शिक्षा अधिकारी के अधिकारी भी संतोषजनक जबाव नहीं दे पा रहे हैं। जिम्मेदार अधिकारी भोपाल स्तर तकनीकी त्रुटि बताकर पल्ला झाड़ रहे हैं। संविलियन न होने के कारण अध्यपको को न बीमा का ,न गृह भाड़ा भत्ते का लाभ मिल रहा है। संघ के आलोक अग्निहोत्री , अजय सिंह ठाकुर , मनीष चौबे , नितिन अग्रवाल , गगन चौबे , श्यामनारायण तिवारी , प्रणव साहू , मनोज सेन , राकेश दुबे , गणेश उपाध्याय , धीरेन्द्र सोनी , मो . तारिक , प्रियांशु शुक्ला , मनीष लोहिया , सुदेश पाण्डेय , मनीष शुक्ला , राकेश पाण्डेय विनय नामदेव , देवदत्त शुक्ला , सोनल दुबे , ब्रजेश गोस्वामी , विजय कोष्टी , अब्दुल्ला चिस्ती आदि ने मुख्य मंत्री से मांग की है कि लगभग एक वर्ष से लबिंत संविलियन प्रक्रिया शीघ्र पूरी कराई जाए। उधर समग्र शिक्षा अभियान के तहत पिछले 26 वर्षों से कार्यरत संविदा कर्मचारियों ने नियमित करने सहित सांतवे वेतनमान का लाभ देने की मांग की है। सर्व शिक्षा अभियान कर्मचारी संघ मप्र के जिला अध्यक्ष अहमद खान, सचिव पारुल राय ने जारी बयान में बताया कि मांगों को लेकर शासन के नाम जिला मिशन संचालक समग्र शिक्षा अभियान आरपी चतुर्वेदी को ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें अवगत कराया गया कि राज्य शिक्षा केंद्र अंतरगत जिला एवं ब्लॉक स्तर पर वर्ष 1995 से विभिन्न पदों में संविदा पर कार्यरत है। लिहाजा संविदा कर्मचारियों को नियमित करते हुए उनकी वेतन विसंगति को दूर कर सातवे वेतनमान का लाभ दिया जाए।

RAM KUMAR KUSHWAHA
भाषा चुने »