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Tuesday, December 6, 2022
डेली न्यूज़

पशुओं में फैल रहा लंपी वायरस

पशुओं में फैल रहा लंपी वायरस

पशुओं में फैल रहा लंपी वायरसपशुओं में फैल रहा लंपी वायरस
Visfot News

बडामलहरा। कोरोना महामारी के बाद अब पशुओं में लंपी वायरस नामक बीमारी पैर पसार रही है। त्वचा की इस बीमारी लम्पी की भी अभी वैक्सीन नहीं है और डॉक्टर अन्य दवाएं देकर इलाज कर रहे हैं। बडामलहरा अनुविभाग में सैकड़ों गौवंश इसकी चपेट में आ चुका है। खेती से टूटे किसान पर आर्थिक तंगी के दौरान लम्पी स्किन डिसीज के फैलने से मवेशियों के इलाज का खर्चा अलग से बढ़ गया है। बताया जा रहा है कि लम्पी वायरस से पीडि़त पशु का इलाज कुछ एंटीबायोटिक दवाइयों के जरिये किया जा रहा है जिससे ठीक होने में एक से दो सप्ताह का वक्त तक लग रहा है। तेजी से फैल रहे इस वायरस को दैवीय प्रकोप मानकर कुछ पशुपालक झाडफूंक और मनौती का भी सहरा ले रहे हैं।
क्या है लम्पी स्किन वायरस…
पशु चिकित्सकों के अनुसार, संक्रमित मवेशियों में तेज बुखार, शरीर में गांठे हो जाती हैं। मक्खियों से संक्रमण फैलने का खतरा अधिक है। पशुओं में दूध की कमी हो जाती है, भूख नहीं लगती, आंख व नाक से पानी बहने लगता है और सांस लेने में कठिनाई होती है। यदि समय पर पशु चिकित्सक से परामर्श लेकर इलाज नहीं कराया तो 10 से 15 दिन बाद पशु की मौत हो जाती है। पशु चिकित्सकों के मुताबिक यह कैप्री पोक्स की फैमिली का वायरस है जो एक संक्रमित मवेशी से दूसरे मवेशी में फैलता है, इसलिए पशुपालकों को हिदायत दी गई है कि वे मवेशियों में शारीरिक दूरी बनाएं और उन्हें समूह में चराने न ले जाएं। हालांकि अभी बड़ामलहरा में इस तरह के केस नहीं मिले हैं लेकिन बकि ग्रामीण क्षेत्र में केस ज्यादा मिल रहे हंै।
वायरस की दवा नहीं, लक्षण से इलाज
इस वायरस की अभी तक कोई दवा नहीं है इसलिए लक्षणों के आधार पर दवा दी जा रही है। संक्रमित मवेशियों को एंटीबायोटिक, दर्द निवारक, एलर्जिक, आयवरमेक्टिन व विटामिन की दवा देकर इलाज हो रहा है। जो पशुपालक अपने मवेशियों को शुरुआत में ही पूरा इलाज दे रहे हैं उनके मवेशी ठीक हो रहे हैं।

RAM KUMAR KUSHWAHA
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