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Saturday, November 26, 2022
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नई पॉलिसी से उलझे एजुकेशन के समीकरण

नई पॉलिसी से उलझे एजुकेशन के समीकरणनई पॉलिसी से उलझे एजुकेशन के समीकरण
Visfot News

भोपाल। राज्य शासन ने नई एजुकेशन पॉलिसी तो लागू कर दी, लेकिन कई सवाल अब भी अनसुलझे हैं। 15 सितंबर से नया सत्र शुरू होना है, लेकिन अब तक किसी भी कोर्स का सिलेबस नहीं आया है। इसी कारण किताबें बाजार में नहीं आ पाई हैं। वैसे ही हर साल 1 जुलाई से शुरू होने वाला नया सत्र इस बार ढाई माह देरी से शुरू हो रहा है।

बिना सिलेबस और किताबों के ऑफलाइन या ऑनलाइन पढ़ाई कैसे शुरू होगी? इतना ही नहीं बीबीए और बीसीए में किन कोर्स के कौन से विषय नई एजुकेशन पॉलिसी के तहत चुनना है, यह भी नहीं बताया गया है, जबकि नियम यह है कि बगैर सिलेबस जारी किए एडमिशन नहीं दे सकते हैं। इंदौर में 50 फीसदी उपस्थिति के साथ पढ़ाई होगी। ऑनलाइन क्लासेस भी चलेंगी।

नई शिक्षा नीति में शासन ने तीन साल के यूजी में प्लेन डिग्री और चौथे साल पढ़ाई करने पर ऑनर्स की डिग्री देने की घोषणा की है। हालांकि पूरी पढ़ाई प्रोफेशनल व स्किल ओरिएंटेड हो गई है। शिक्षाविद डॉ. एसएल गर्ग कहते हैं ऐसी स्थिति में समझना जरूरी है कि किन-किन कोर्स का स्पेशलाइजेशन कोर्स का व्यावसायिक दर्जा बरकरार रहेगा। इस पर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।

यूजी कोर्स चार साल का

कॉलेजों में यूजी कोर्स में लागू नई शिक्षा नीति का असर 15 सितंबर से लगने वाली ऑफलाइन कक्षाओं में भी देखने को मिलेगा। इसके तहत बीएससी यानी साइंस संकाय के छात्र को कॉमर्स और आट्र्स दोनों संकाय में से विषय चुनने की छूट रहेगी। आट्र्स के छात्र सिर्फ कॉमर्स और कॉमर्स के छात्र सिर्फ आट्र्स संकाय में से ही विषय चुन सकेंगे, लेकिन बीबीए और बीसीए को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। इधर, इस साल से ही यूजी कोर्स चार साल का कर दिया है। एक साल में पढ़ाई छोडऩे पर सर्टिफिकेट, दूसरे वर्ष में डिप्लोमा और तीसरे वर्ष में डिग्री मिलेगी। तीसरे साल में जिस छात्र का जीडीपीए (7.5) रहेगा, उसे ही चौथे वर्ष में प्रवेश मिलेगा। चार साल पढ़ाई पूरी करने वाले छात्रों को ऑनर्स की डिग्री मिलेगी।

अब 6 विषयों के 11 पेपर देना होंगे

इस सत्र में 12वीं पास कर यूजी में एडमिशन लेने वाले छात्रों को अपने मूल विषय और फाउंडेशन कोर्स के साथ एक वैकल्पिक (जैनरिक) और एक वोकेशनल कोर्स भी पढऩा होगा। अभी एक छात्र को तीन विषयों (फाउंडेशन अलग) के कुल नौ पेपर देना होते थे। अब उन्हें छह विषयों के 11 पेपर देना होंगे।

RAM KUMAR KUSHWAHA
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