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Saturday, April 20, 2024
मध्यप्रदेश

अशासकीय विद्यालय वसूल रहे मनमानी फीस

Visfot News

छतरपुर। गत वर्ष से कोविड-19 की मार झेल रहे अभिभावकों ने जिला शिक्षा अधिकारी से शिकायत कर अशासकीय विद्यालयों द्वारा वसूली जा रही मनमानी फीस पर अंकुश लगाने की मांग की है। जिला शिक्षा अधिकारी एसके शर्मा ने त्वरित कार्यवाही करते हुए जिले के सभी अशासकीय संस्थाओं के प्रमुखों को निर्देशित किया है कि वे मध्यप्रदेश निजी विद्यालय अधिनियम 2020 में उल्लेखित शर्तों, आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल द्वारा जारी आदेशों तथा माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार ही अभिभावकों से सिर्फ ट्यूशन शुल्क प्राप्त करें। आदेशों के अवहेलना करने वाले विद्यालयों के विरूद्ध मान्यता समाप्त की कार्यवाही की जावेगी। श्री शर्मा के अनुसार विभिन्न समाचार-पत्रों के माध्यम तथा अभिभावकों से प्राप्त शिकायतों से यह स्पष्ट होता है कि अशासकीय विद्यालयों द्वारा मनमानी तरीके से छात्रों से शुल्क ली जा रही है। साथ ही अभिभावकों द्वारा मांगे जाने पर उनके बच्चों की टीसी भी विद्यालय द्वारा नहीं दी जा रही है जो शासन के नियमों के विपरीत है। ऐसे विद्यालयों की सूची तैयार करने के लिए डीईओ ने मान्यता प्रभारी को निर्देशित किया है ताकि इन विद्यालयों को चिन्हित कर कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके। डीईओ एसके शर्मा ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2021-22 हेतु प्रवेश की तिथि 30 जून से बढ़ाकर 15 जुलाई कर दी गई है। 7 जुलाई को कक्षा 9वीं/11वीं पूरक परीक्षा का परिणाम विद्यालय स्तर पर घोषित किया गया है। सभी प्राचार्य इन विद्यार्थियों को तत्काल प्रवेश दें। श्री शर्मा से सभी शासकीय विद्यालयों के प्राचार्यों को निर्देशित किया है कि वे किसी भी विद्यार्थी को प्रवेश देने से मना न करें भले ही वह विद्यार्थी अशासकीय विद्यालय से टीसी लेकर आ रहा हो। किसी भी माध्यम से यदि इस तरह की बात संज्ञान में आती है कि आपके द्वारा विद्यार्थियों को प्रवेश नहीं दिया गया है तो ऐसे प्राचार्यों की विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएंगी।

RAM KUMAR KUSHWAHA

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