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Saturday, November 26, 2022
खास समाचार

बिजली विभाग के इंजीनियर कल रखेंगे अपना मोबाइल बंद

Visfot News

इंजीनियरों ने पूर्व में ही दे दी थी हडताल की चेतावनी
भोपाल। अपनी मांगो के समर्थन में मंगलवार को बिजली कंपनी के हजारों इंजीनियर एक दिवसीय हड़ताल करेंगे। उन्हें अधिकारियों के फोन न उठाना पड़े, इसलिए वे पूरे दिन मोबाइल बंद रखेंगे। इनके साथ कर्मचारी भी शामिल होंगे। इंजीनियरों ने पूर्व में ही इसकी चेतावनी दे दी है। अगर चेतावनी के अनुरूप हड़ताल हुई तो बिजली आपूर्ति गड़बड़ा सकती है। यूनाइटेड फोरम फॉर पावर एम्प्लाइज एवं इंजीनियर संघ के संयोजक वीकेएस परिहार का दावा है कि इस दिन सभी बिजली कंपनी के इंजीनियर कार्यालय नहीं जाएंगे।

पूरी तरह हड़ताल रहेगी। बिजली कंपनियों ने इंजीनियर, अधिकारी व कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि चौबीस घंटे मोबाइल चालू रहना चाहिए। ऐसा इसलिए, क्योंकि ज्यादातर उपभोक्ता अपने-अपने क्षेत्र के प्रभारी अधिकारी, इंजीनियरों को बिल व आपूर्ति से जुड़ी शिकायतें फोन पर करते हैं, जिससे निराकरण भी जल्द होता है। कंपनी ने इसे देखते हुए सभी के नंबर सार्वजनिक किए हैं। पूर्व में मोबाइल बंद रखने वाले कुछ इंजीनियरों पर कार्रवाई भी हुई है। चेतावनी के अनुरूप इंजीनियरों ने मोबाइल बंद रखा तो मुश्किलें और बढ़ेंगी। हालांकि ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर कह चुके हैं कि वे इंजीनियर व कर्मचारियों की बातों को सुनेंगे। इंजी‎नियरों की प्रमुख मांगों के बारे में संगठन का आरोप है ‎कि केंद्र सरकार बिजली कंपनियों को निजी हाथों में देने संबंधी बिल लाने जा रही है। इसकी तैयारी पूरी हो चुकी है। यह बिल पास होता है तो बिजली कंपनी निजी हाथों में चली जाएंगी। इसमें काम करने वाले हजारों अधिकारी, इंजीनियर व कर्मचारी भी निजी हाथों में चले जाएंगे, जहां शोषण होगा। उपभोक्ताओं की भी सुनवाई नहीं होगी। उपभोक्ताओं को सरकार जो छूट देती है, वह नहीं मिलेगी।प्रदेश भर में इंजीनियरों के 700 से अधिक पद खाली है, जिन्हें नहीं भरा जा रहा है। संविदा पर रखे इंजीनियरों को नियमित नहीं किया जा रहा है। बिजली कंपनियों में अधिकारी, कर्मचारियों की जरूरत के लिए मापदंड तय नहीं किए जा रहे हैं। आउटसोर्स पर युवाओं को रखकर शोषण किया जा रहा है। कर्मचारियों की कमी और आउटसोर्स कर्मचारियों के अप्रशिक्षित होने से उपभोक्ताओं को समय पर ठीक सेवा नहीं मिल रही है। आम उपभोक्ता बिजली कर्मचारियों को जिम्मेदार मान रहे हैं जबकि इसके लिए गलत नीतियां जिम्मेदार हैं। सात अगस्त को प्रदेश भर की बिजली कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारी कार्य बहिष्कार कर चुके हैं।

RAM KUMAR KUSHWAHA
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