Please assign a menu to the primary menu location under menu

Saturday, April 20, 2024
धर्म कर्म

ये तो होना मुश्किल है

ये तो होना मुश्किल हैये तो होना मुश्किल है
Visfot News

आचार्य ब्रजपाल शुक्ल, वृंदावन धाम
(1) मुझे कभी कोई दुख्ख न आए, ये तो होना मुश्किल है।
मैं जो कहूं वही हो जाए, ये तो होना मुश्किल है।।
(2) सज्जन चाहें, सभी सुखी हों, सब निरोग हों, दुखी न हों।
सब पर दया करें ईश्वर और , कोई जीव यहां दुखी न हों।।
किसी को कोई कमी न आए, ये तो होना मुश्किल है।
मैं जो कहूं, वही हो जाए, ये तो होना मुश्किल है।
(3) दुष्ट कहें सारी दुनियां, मेरी मु_ी में आ जाए।
मैं ही हूं भगवान यहां का,जो मैं करूं वो हो जाए।।
मैं जो चाहूं वो मिल जाए, ये तो होना मुश्किल है।
मुझे कभी कोई दुख्ख न आए, ये तो होना मुश्किल है।।
(4) कुछ लोगों की सोच अजब है, बुरा करूं और अच्छा हो।
धोखा, लूट पाट भी कर लूं, फिर भी मेरा अच्छा हो।।
सबका धन मेरा हो जाए, ये तो होना मुश्किल है।
मैं जो कहूं, वही हो जाए, ये तो होना मुश्किल है।।
(5) सदा जवानी, सुन्दरता, सुख, वैभव, भोग विलास रहे।
झूठ भी मेरा सत्य बने, और कहूं तो सत्य भी झूठ रहे।।
मुझे बुढ़ापा कभी न आए, ये तो होना मुश्किल है ।
मैं जो कहूं वही हो जाए, ये तो होना मुश्किल है।।
(6) अरे भाई! कुछ तो सोचो! सब तेरे मन का कैसे होगा?
सबके मन का गर हो जाए, तो सोचो फिर कैसा होगा?
सबके मन का हो जाए, भाई! ये तो होना मुश्किल है।
मैं जो कहूं वही हो जाए, ये तो होना मुश्किल है।।
(7) जो तेरे मन में है, वो ही सबके मन में आता है।
कभी तो अच्छा, कभी बुरा, ये सब के संग हो जाता है।।
ये “ब्रजपाल” समझ न पाए, ये तो होना मुश्किल है।
तू जो कहे, वही हो जाए, ये तो होना मुश्किल है।।

RAM KUMAR KUSHWAHA
भाषा चुने »