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Saturday, November 26, 2022
डेली न्यूज़

आज विराजेगें भगवान गणेश, जानिए क्या है मुहूर्त

आज विराजेगें भगवान गणेश, जानिए क्या है मुहूर्तआज विराजेगें भगवान गणेश, जानिए क्या है मुहूर्त
Visfot News

छतरपुर। 10 दिनों तक चलने वाले श्री गणेश महोत्सव की शुरुआत शुक्रवार से हो रही है। प्रथम पूज्य भगवान गणेश की मूर्तियां रखकर 10 दिनों तक भक्तों द्वारा श्रद्धा भाव के साथ पूजा अर्चना की जाती है। चतुर्थी का चंद्रमा देखने पर दोष लगता है।नारदीय ज्योतिष केंद्र के संचालक पंडित उमेश चंद्र द्विवेदी ने बताया कि भगवान गणेश मयूर वाहन में बैठ कर आ रहे हैं। भगवान गणेश का आगमन सुख एवं शुभदायक का प्रतीक है लेकिन भगवान गणेश का गमन नाग के ऊपर बैठकर है जो अशुभ माना जाता है। जिले में आज से विघ्न विनाशक भगवान गणेश का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाए जाने की तैयारी की गई है।
इन मुहूर्त में करें भगवान गजानन की मूर्ति की स्थापना
वैदिक जी ने बताया कि भगवान गणेश का आगमन मयूर वाहन में होगा सुबह 6:15 से 10:30 तक गणेश स्थापना का मुहूर्त है इसके बाद दोपहर 12:08 से 1:37 तक, अभिजीत मुहूर्त 11:45 से 12:32 तक शाम 5:00 से 6:15 तक रात 9:15 से 10:40 तक व रात्रि 12:09 से 3:00 तक शुभ मुहूर्त है। गणेश चतुर्थी के प्रभाव से ही पांडवों ने गौरव पर विजय प्राप्त की थी। इस दिन से 579 या 10 दिन ई जन्मोत्सव मनाया जाता है वैदिक जी ने बताया कि गणेश प्रतिमा स्थापना कर वैदिक या लौकिक मंत्रोच्चार, ध्यान आवाहन, आसन, पाद्य, अध्र्य, पंचामृत स्नान वस्त्र, भूषण यज्ञोपवीत, सिंदूर आदि से पूजा करना चाहिए।
पीओपी की मूर्तियों को इनकार, घरों में बैठेंगे मिट्टी के गणेश
गणेश चतुर्थी पर्व के दो सप्ताह पहले से ही छतरपुर जिले में सामाजिक जनचेतना के माध्यम से पीओपी से बनी गणेश प्रतिमाओं को स्थापित नहीं किए जाने को लेकर प्रयास किए जा रहे थे। इन्हीं प्रयासों के चलते कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह ने भी पीओपी और हानिकारक कैमिकल से गणेश प्रतिमाओं के निर्माण पर रोक लगा दी थी। यही वजह है कि गणेश चतुर्थी के एक दिन पूर्व शहर के विभिन्न स्थानों पर विक्रय के लिए रखी गईं मूर्तियों में पीओपी की मूर्तियां नजर नहीं आयीं। स्टेडियम के समीप पंकज सेन के द्वारा मिट्टी के गणेश की एक विशाल दुकान लगाई गई। उन्होंने बताया कि शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप उन्होंने ऐसी मूर्तियां निर्मित की हैं जो मिट्टी से बनी हैं और इन पर वाटर कलर किया गया है। उन्होंने बताया कि इन मूर्तियों को घर के गमले में ही विसर्जित किया जा सकता है। मूर्ति खरीदने पहुंची युवती राजकुमारी पाठक ने कहा कि हम सभी इस त्यौहार को हर वर्ष बड़े उत्साह के साथ मनाते हैं। इस त्यौहार के माध्यम से भगवान गजानन को प्रसन्न कर सुख समृद्धि की कामना करेंगे।

RAM KUMAR KUSHWAHA
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