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Tuesday, December 6, 2022
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पूर्व मुख्यमंत्री उमाभारती छतरपुर अल्पप्रवास पर पहुंची

पूर्व मुख्यमंत्री उमाभारती छतरपुर अल्पप्रवास पर पहुंची

पूर्व मुख्यमंत्री उमाभारती छतरपुर अल्पप्रवास पर पहुंचीपूर्व मुख्यमंत्री उमाभारती छतरपुर अल्पप्रवास पर पहुंची
Visfot News

छतरपुर। सोमवार को शक्तिपीठ मैहर जाते हुए मप्र की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती एक अल्पप्रवास पर छतरपुर पहुंची। शहर के सर्किट हाउस में भाजपा नेताओं से संक्षिप्त भेंट के साथ उन्होंने स्थानीय अधिकारियों से भी मुलाकात की। इस मौके पर विभिन्न मुद्दों पर पत्रकारों से चर्चा की तो वहीं महाराजा कॉलेज विलय के खिलाफ ज्ञापन सौंपने पहुंचे प्रतिनिधिमण्डल की बात भी सुनी। पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उमाभारती ने उप्र के लखीमपुर खीरी में भाजपा नेताओं के द्वारा के कथित रूप से कुचलकर की गई किसानों की हत्या के मामले में अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि इस मामले में उप्र की सरकार कानून की दृष्टि से निष्पक्ष और पारदर्शी कदम उठा रही है। भाजपा की यूपी सरकार और मुख्यमंत्री ने अब तक किसी दोषी और संदेही को मदद नहीं की। उन्होंने कहा कि इस मामले में कानून अपना काम करेगा। केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी की संलिप्तता पर पूछे गए सवाल और उनके इस्तीफे से जुड़े सवाल को उमा भारती टाल गईं। उमा भारती ने एक बार फिर 14 जनवरी से मप्र में शुरू होने वाले शराबबंदी अभियान की बात कही। कहा कि वे इस अभियान को लेकर अडिग हैं। उन्होंने कहा कि यह सरकार विरोधी नहीं शराब विरोधी अभियान है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा भी शराबबंदी पर विचार कर रहे हैं।
महाराजा कॉलेज विलय पर सरकार से बात करेंगी
उमा भारती जब सर्किट हाउस में मौजूद थीं तभी महाराजा कॉलेज के विश्वविद्यालय में किए गए विलय का विरोध करने के लिए एक बुद्धिजीवियों का प्रतिनिधि मण्डल अपने ज्ञापन के साथ उनसे मिला। प्रतिनिधि मण्डल ने उमा भारती को बताया कि छतरपुर जिला मुख्यालय पर 130 वर्ष पुराना ऐतिहासिक एवं एक मात्र सहशिक्षा का उच्च शिक्षा केन्द्र महाराजा कॉलेज मौजूद था जिसे सरकार ने विश्वविद्यालय में विलय कर दिया है। सरकार ने 9 साल पहले छतरपुर में विश्वविद्यालय खोलने का ऐलान किया था लेकिन सरकार जब इस विश्वविद्यालय का निर्माण नहीं कर सकी तो हमारे कॉलेज को ही विश्वविद्यालय कहकर गुमराह किया जा रहा है। इस ज्ञापन को लेने के बाद उमा भारती ने कहा कि उन्होंने यहां आकर कॉलेज के संबंध में जनभावनाओं को सुना है वे इस मुद्दे पर उच्च शिक्षा मंत्री और सरकार से बात करेंगी। ज्ञापन देने वालों में वरिष्ठ पत्रकार श्यामकिशोर अग्रवाल, सुरेन्द्र अग्रवाल, हरि अग्रवाल, सुशील दुबे, वरिष्ठ समाजसेवी नारायण काले, राजेन्द्र तिवारी गुरू, रविन्द्र अरजरिया सहित अनेक लोग मौजूद रहे।

RAM KUMAR KUSHWAHA
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