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Saturday, November 26, 2022
खास समाचारमध्यप्रदेश

17 जून से शुरु होगा परीक्षा का पहला चरण, बीमार परीक्षार्थियों को मिलेगी डाक सुविधा, लिखावट की होगी जांच

Visfot News

छतरपुर। कोरोना महामारी के कारण हर क्षेत्र प्रभावित हुआ है। कोरोना ने शिक्षा व्यवस्था की तो जैसे ही धुरी ही तोड़ दी है। स्कूली बच्चों से लेकर कॉलेज के विद्यार्थियों को शिक्षण संस्थान तक जाने की पाबंदी है। परीक्षाओं का समय है इसलिए परिस्थिति के अनुसार व्यवस्थाएं निर्धारित की जा रही हैं। विश्वविद्यालयीन परीक्षाओं को ओपन बुक पद्धति के माध्यम से संपन्न कराना है। 17 जून से 3 जुलाई तक के बीच लिखी गई उत्तर पुस्तिकाएं संग्र केन्द्रों तक भिजवानी होंगी।महाराजा छत्रसाल बुंदेलखण्ड विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. बहादुर सिंह परमार ने एक विशेष चर्चा में बताया कि परीक्षाएं चार चरण में होंगी। निर्धारित दिनांक से सात दिन पहले प्रश्न पत्र वेबसाईट पर अपलोड किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश शासन उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार ओपन बुक पद्धति से परीक्षाएं कराकर विद्यार्थियों से निर्धारित दिनांक तक विवि अंतर्गत बनाए गए 183 कॉलेजों के संग्रहण केन्द्रों में उत्तर पुस्तिकाएं पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।परीक्षा नियंत्रक डॉ. बहादुर सिंह परमार ने बताया कि पहले चरण में कला संकाय के परीक्षार्थियों को परीक्षा देने का अवसर दिया जा रहा है और यह चरण 17 से 20 जून तक चलेगा। पहले चरण के लिए प्रश्न पत्र विवि की वेबसाईट पर अपलोड कर दिए गए हैं। 22 से 24 जून तक विज्ञान संकाय की परीक्षाएं होंगी इनके लिए 15 जून को प्रश्न पत्र अपलोड होंगे। इसी तरह तीसरे चरण में वाणिज्य संकाय के परीक्षार्थियों को 26-27 जून तक उत्तरपुस्तिकाएं जमा करने के निर्देश हैं। इस संकाय के परीक्षार्थियों को 18 जून को प्रश्न पत्र प्राप्त हो सकेंगे। अंतिम चरण 2-3 जुलाई को होगा। यह चरण स्वाध्यायी कला स्नातक संकाय के लिए है। 21 जून को स्वाध्यायी परीक्षार्थियों के लिए प्रश्न पत्र अपलोड होंगे। उन्होंने बताया कि सागर संभाग के 6 महाविद्यालयों को नोडल कॉलेज बनाया गया है। इन कॉलेजों में महाराजा कॉलेज छतरपुर, आर्ट एण्ड कॉमर्स कॉलेज सागर, पीजी कॉलेज टीकमगढ़, दमोह, निवाड़ी एवं छत्रसाल कॉलेज पन्ना शामिल हैं। परीक्षा नियंत्रक डॉ. परमार ने बताया कि घर से असाइनमेंट लिखकर जमा करने और उत्तरपुस्तिकाओं को जमा करने के बाद लिखावट की जांच होगी। विवि ने निर्णय लिया है कि एक से अधिक लिखावट या फोटो कॉपी पाई जाती है तो संबंधित परीक्षार्थी के खिलाफ कार्यवाही होगी। उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण की चपेट में आए परीक्षार्थियों को डाक सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है ताकि वे संग्रह केन्द्रों तक पहुंचने में असमर्थ होने की स्थिति में अपनी उत्तरपुस्तिकाएं डाक के माध्यम से विवि भेज सकें। अंतिम तिथि के चार दिन बाद तक कॉपियां भेजने का समय दिया जाएगा।

RAM KUMAR KUSHWAHA
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