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Saturday, November 26, 2022
डेली न्यूज़

सिविल सर्जन एमके गुप्ता पर नाराज हुए कलेक्टर

सिविल सर्जन एमके गुप्ता पर नाराज हुए कलेक्टर

सिविल सर्जन एमके गुप्ता पर नाराज हुए कलेक्टरसिविल सर्जन एमके गुप्ता पर नाराज हुए कलेक्टर
Visfot News

छतरपुर। जिले में डेंगू के बढ़ते कहर के बीच जिला अस्पताल में जांच और इलाज में चल रही भर्राशाही का मामला मीडिया के द्वारा सामने लाए जाने के बाद कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह ने सिविल सर्जन डॉ. एमके गुप्ता की कार्यप्रणाली के विरूद्ध नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने मंगलवार को सिविल सर्जन को निर्देशित किया है कि अस्पताल में चार साल से धूल खा रही ब्लड सेपरेशन मशीन और एलाईजा मशीन को निश्चित समयावधि में सुधरवाएं। अन्य जो भी मशीनों को क्रय करना है रोगी कल्याण समिति से उन्हें क्रय किया जाए। डॉक्टरों के ओपीडी में मौजूद नहीं रहने एवं अन्य स्टाफ के लापरवाही करने व गायब रहने की शिकायतों पर भी कलेक्टर जमकर नाराज हुए। उन्होंने एडीएम को निर्देशित किया है कि वे जिला अस्पताल में जाकर डॉक्टरों के चेम्बर के बाहर उनकी नेमप्लेट लगवाएं जिन्हें डॉक्टरों ने साजिश के तहत निकलवाकर फिकवा दिया था।

कलेक्टर ने यह भी कहा कि डॉक्टर के नाम के नीचे उनके बैठने का समय भी लिखा जाए। कलेक्टर ने साफ कहा कि जो भी डॉक्टर अपने निर्धारित समय पर अस्पताल में मौजूद नहीं रहेंगे उनके विरूद्ध कार्यवाही होगी। वार्डब्याय, स्टाफ नर्स एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मी भी लापरवाही न बरतें। दरअसल विगत रोज मीडिया ने प्रमुखता से जिला अस्पताल की अव्यवस्थाओं पर प्रकाश डाला था। जिला अस्पताल में ब्लड सेपरेशन मशीन पिछले चार साल से इंस्टाल नहीं हो पायी है। इसी मशीन के माध्यम से खून से प्लेटलेट्स को अलग किया जाता है। यही प्लेटलेट्स डेंगू के मरीज को चढ़ाई जाती हैं। इसी तरह जिन मान्य मशीन एलाईजा के माध्यम से डेंगू की पुष्टि होती है वही मशीन पिछले दिनों एक मानसिक रोगी के द्वारा तोड़ दी गई थी जिसे अब तक सुधरवाया नहीं गया। कलेक्टर ने इन दोनों मशीनों को एक सप्ताह के भीतर ठीक कराने के लिए सिविल सर्जन को निर्देशित किया है। डेंगू और कोविड की संभावित तीसरी लहर के दौरान जिला अस्पताल में संसाधनों को बढ़ाने के लिए कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह विगत रोज 26 लाख रूपए लागत की लगभग दो दर्जन मशीनों को क्रय करने के लिए सीएमएचओ को निर्देश दिए हैं। इन मशीनों में ज्यादातर वे मशीनें हैं जिन्हें बच्चों के उपचार के लिए जरूरी माना जाता है। स्वास्थ्य विभाग पीलिया के रोगियों के लिए रेडिन्ट वार्मर, सीरींज इनफ्यूजन पंप, वेट मशीन, मल्टी चेनल पल्स ऑक्सोमीटर, वाईपेप, नैबुलाईजर, ऑक्सीजन हुड, ईसीजी मशीन, सक्सन मशीन, वेंटीलेटर में इस्तेमाल होने वाली डेलीब्रिलनर मशीन, आईसीयू बेड, एक्सरे ब्यू बॉक्स, डिजिटल चेयर, एग्जामिनेशन टेबिल सहित अन्य मशीनों को क्रय करेगा।

RAM KUMAR KUSHWAHA
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