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Tuesday, December 6, 2022
मध्यप्रदेश

अर्थी पर लिटाया बुजुर्ग उठकर बोला- अभी में जिंदा हूं

Visfot News

घर में पसरा मातमी में माहौल खुशियों में बदला
भोपाल। मृत समझकर अर्थी पर लिटाया बुजुर्ग अचानक उठकर बैठ जाता और खुद कहता है अभी मैं जिंदा हूं। यह सुनकर घर में पसरा मातमी माहौल पल भर में खुशियों में तब्दील हो जाता है। यह मामला है प्रदेश के छतरपुर जिले के लवकुशनगर का। यहां चंदला रोड पर रहने वाले 96 वर्षीय बुजुर्ग मनसुख कुशवाहा को मृत समझकर परिजनों ने उनके अंतिम संस्कार की तैयारियां कर ली। तभी बुजुर्ग अर्थी से उठकर बोला मैं अभी मरा नहीं जिंदा हूं। यह सुनकर सारा मातमी माहौल खुशियों में बदल गया। जानकारी के अनुसार मनसुख कुशवाहा का दो वर्षों से बीमार थे। पैर टूट जाने से वे चल नहीं पाते थे। मनसुख का छोटा बेटा रामकृपाल कुशवाहा और उसका परिवार बुढ़ापे में उनका सहारा था। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक न होने से इलाज में परेशानी भी हो रही थी। बीते रोज अचानक मनसुख की तबीयत खराब हुई, वे निढाल हो गए। परिवार के लोगों ने उन्हें मृत समझकर बुजुर्ग मनसुख लाल की मृत्यु की सूचना नाते-रिश्तेदारों को सूचना दे दी। सगे-संबंधी घर पहुंच गए। गऊ पूजन कराके अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू कर दी गईं। इसी बीच अर्थी पर लेटे मनसुख उठकर बैठ गए। यह देखकर लोगों के आश्चर्य का ठिकाना नहीं रहा और सारा मातमी माहौल हंसीखुशी में बदल गया। फिलहाल उनकी हालत ठीक बताई गई है। बता दें कि इस तरह की घटना पहली बार नहीं हुई है। कई बार अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा मृत घोशित हो चुके मरीज रास्ते में जीवित हो गए उन्हें पुन: अस्पताल ले जाकर इलाज के लिए भरती कराया गया। इस तरह के मामलों में अक्सर डॉक्टरों पर लापरवाही बरतने के इलजाम लगते रहे हैं।

RAM KUMAR KUSHWAHA
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