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Friday, December 2, 2022
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आलोक चतुर्वेदी एक संपूर्ण व्यक्तित्व

आलोक चतुर्वेदी एक संपूर्ण व्यक्तित्व

आलोक चतुर्वेदी एक संपूर्ण व्यक्तित्वआलोक चतुर्वेदी एक संपूर्ण व्यक्तित्व
Visfot News

सेवा, संघर्ष और सरलता के साथ जनता के दिल में उतरे

छतरपुर। राजनीति के माध्यम से हम समाजसेवा एवं अपने क्षेत्र का विकास करेगें। इस वाक्य को लगभग सभी जनप्रतिनिधि प्रमुखत: से कहते हैं लेकिन गिनती के जनप्रतिनिधि ही इस वाक्य पर अक्षरश: खरे उतरते हैं। विगत चुनाव में छतरपुर विधानसभा से जनता का आर्शीवाद और स्नेह पाकर आलोक चतुर्वेदी विधायक चुने गए थे। उन्हें लोगों ने इस उम्मीद के साथ विजयी बनाया कि वह ढोंग, आडम्बर वाली दिखावटी सेवा, भ्रष्टाचार, फर्जी राजनैतिक केस, कमीशनवाजी, परिवारवाद, अवैध भूमि कब्जा, गुंडागर्दी, अवैध बसूली आदि के कुचक्रों से मुक्ति दिलाने के साथ-साथ क्षेत्र के विकास हेतु सतत प्रयास करेगें। श्री चतुर्वेदी बीते 4 वर्षों में छतरपुर जिले के लोगो की उम्मीदों पर कितने खरे उतरे इसका मूल्यांकन किया जाना चाहिए। चाचा उपनाम से प्रसिद्व छतरपुर विधायक आलोक चतुर्वेदी के साथ मुझे भी अपने पूर्व अनुभव के कारण कार्य करने का अवसर प्राप्त हुआ है। इस दौरान उनकी कार्यशैली एवं व्यवहार को काफी करीब से आकंलित करने का अवसर प्राप्त हुआ। मैंने हमेशा उनमें ढोंग, दिखाबा, आडम्बर से कोसों दूर रहते हुए निरंतर जन सेवा का जुनून पाया है। वे चुनाव लडऩे के पूर्व से ही छतरपुर में जलसंकट से जूझ रही जनता की सेवा करते आए हैं। पेयजल की समस्या के निराकरण हेतु अपनी स्वयं की पूंजी से लगातार कई वर्ष तक नि:शुल्क पेयजल का वितरण करने वाले चाचा ने चुनाव जीतते ही सबसे पहले शहर की पेयजल समस्या के निराकरण हेतु तीव्रगति से प्रयास किया जिसकी परिणिति है कि आज शहर के 95 प्रतिशत हिस्से में नल के माध्यम से जल की नियमित सप्लाई हो रही है। अब शहर पेयजल की समस्या से लगभग मुक्त हो चुका है। शहर के बढ़ते विस्तार के कारण भविष्य में पेयजल की समस्या नही हो इस हेतु अमृत-2 के माध्यम से आगामी योजना पर भी कार्य चल रहा है। ग्रामीण क्षेत्र मे पेयजल की समस्या के स्थायी निराकरण हेतु उनके प्रयास से 250 करोड रू. से ज्यादा की तरपेड़ समूह नलजल की योजना स्वीकृत हुई। इस योजना से भविष्य में विधानसभा के एक सैकड़ा से ज्यादा गांव में नल के माध्यम से पेयजल प्राप्त होगा।

श्री चतुर्वेदी ने सतत् प्रयास करते हुए विधानसभा क्षेत्र के 192 स्कूलों एवं 57 आंगनवाड़ी केन्द्रों में भी पेयजल के इंतजमा सुनिश्चित करने के लिए शासन स्तर पर लगभग 3 करोड़ मूल्य से नलकूप खनन, विधुत मोटर, पानी की टंकी एवं नल फिटिंग आदि का कार्य कराया ताकि नौनिहालों को पेयजल की सुविधा मिल सके। लगभग 3 करोड़ मूल्य से सलैया, कबरी, डुडारी, भिराटा, मारगुवां आदि गांव में नलजल योजना स्वीकृत कर बंद पड़ी दर्जनों पेयजल परियोजना को पुन: प्रारंभ कर पेयजल सहज किया गया। श्री चतुर्वेदी एक व्यापक सोच रखते हैं इसलिए बुन्देलखण्ड के इस सूखे अंचल में कृषि को लाभ का धंधा बनाने हेतु सिंचित भूमि का रकबा बढ़ाने हेतु महत्वपूर्ण केन्द्र प्रवर्धित योजना केन-बेतवा लिंक परियोजना को प्रांरभ करनेके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री, केन्द्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री से सतत् पत्राचार करने के साथ- साथ विधानसभा में 04 बार अशासकीय संकल्प प्रेषित किए। साथ ही लगभग एक दशक से वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के पास लंबित तेदुंआ नाला परियोजना को राज्य सरकार की सहायता से स्वीकृति दिला कर पुन: बजट आवंटित करया है। इसके साथ ही गोरा फीडर एवं नैगुवां जलाशय परियोजना की स्वीकृति एवं बजट आवंटन हुआ जिससे हजारों हैक्टेयर कृषि भूमि सिंचित होगी। वे किसानों को समय पर खाद उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए छतरपुर में खाद रैक की स्थापना हेतु लगातार प्रयासरत् हैं। उनके कार्यकाल में विधुत की सुगम उपलब्धता हेतु 33/11 केव्ही के 02 विधुत सब स्टेशनों का लोकार्पण सहित बूढा एवं सुकवां विधुत सब स्टेशन की स्वीकृति मिलना एक मील का पत्थर है। ग्रामीण क्षेत्र हेतु एक नवीन विधुत सब स्टेशन रामनगर तिराहा एवं शहरी क्षेत्र हेतु 02 सब स्टेशन स्वीकृति के प्रयास जारी हैं। उन्होंने क्षेत्र में अनेक ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि कराई एवं नवीन लाइन बिछाने में भी अहम प्रयास किए। अमेरिकन राष्टपति केनेडी ने कहा था कि अमेरिका की सडक़ें इसलिए अच्छी नहीं है क्योंकि वह अमीर देश है बल्कि अमेरिका इसलिए अमीर है क्योंकि इसकी सडक़ें अच्छी हैं। इसी वाक्य को अपनाते हुए श्री चतुर्वेदी ने अपने क्षेत्र में सडक़ों के विकास पर अभूतपूर्व प्रयास किए। उनके कार्यकाल के 4 वर्षों में 85 करोड़ से ज्यादा लागत मूल्य की 110 किमीमीटर ग्रामीण पक्की सडक़ों का निर्माण कराया गया। वे केन्द्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से भेंट कर 12 करोड़ की लागत से सागर रोड की 04 पुलियों के निर्माण की स्वीकृति प्रदान करवाने में सफल रहे। हमें 321 करोड़ की लागत से ढड़ारी-पन्ना रोड बाईपास की स्वीकृति भी मिल सकी। श्री चतुर्वेदी ने छतरपुर जिले को बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे से लिंक करने के लिए भी राज्य सरकार के लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव से चर्चा कर पत्राचार किया है जिसे प्रस्ताव बनाकर दिल्ली भेजा गया है। उम्मीद है जल्द ही यह मांग पूरी होगी जिससे छतरपुर जिला बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे से जुड़ सकेगा। विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था को दुरूस्त करने उनके प्रयासों से लगभग 8 करोड़ मूल्य की लागत से 100-100 सीटर बालक एवं बालिका छात्रावास का निर्माण पूर्ण हो चुका है। लगभग 6 करोड़ मूल्य की लागत से महारानी लक्ष्मीबाई कन्या उ.मा.वि. हेतु कन्या छात्रावास का निर्माण भी अतिशीघ्र राज्य बजट स्कीम से होगा।जिले की मुख्य मांग मेडीकल कॉलेज के यथाशीघ्र निर्माण हेतु विधानसभा, शासन स्तर पर लगातार प्रयास किया गया सबके सहयोग से आज मेडीकल निर्माण कार्य प्रांरभ हो चुका है। इसके साथ ही मानसून सत्र 2019 में श्री चतुर्वेदी द्वारा विधानसभा में लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का ही प्रभाव था कि अधूरे पड़े जिला अस्पताल भवन को यथाशीध्र पूर्ण कराया गया। उच्च शिक्षा में सुधार हो इसके लिए उन्होंने सरकार से लगातार छतरपुर के महाविद्यालयों का विकास करने की लड़ाई लड़ी। परिणामस्वरूप महाराजा महाविद्यालय, कन्या महाविद्यालय के विकास हेतु 12 करोड़ से ज्यादा राशि से आधारभूत संरचनाओं का निर्माण किया जा चुका है। नवीन आदर्श महाविद्यालय का निर्माण प्रक्रियाधीन है। महाराजा छत्रसाल बुन्देलखंड विश्वविद्यालय के भवन निर्माण हेतु तात्कालीन कमलनाथ सरकार ने 150 करोड़ बजट आवंटित करने का निर्णय ले लिया था। दुर्भाग्य से सरकार के गिरते ही 100 वर्ष पुराने महाराजा महाविद्यालय का संविलियन एंव अधिग्रहण महाराजा छत्रसाल बुन्देलखंड विश्वविद्यालय में किया गया। छतरपुर के ऐतिहासिक महाराजा कॉलेज को खत्म किए जाने का विरोध भी छतरपुर के इसी एकमात्र जनप्रतिनिधि ने किया जबकि सत्ता से जुड़े लोग खामोश रहे। श्री चतुर्वेदी विधानसभा में सबसे सक्रिय रहने वाले विधायक रहे। उन्होंने अभी तक 243 प्रश्नों के माध्यम सें विभिन्न विषयों की समस्या, निराकरण, विकास कार्य आदि के मुद्दों को प्रभावी तरीके से रखा। वे 07 बार अशासकीय संकल्प प्रेषित कर चुके हैं जिसकी परिणिति यह रही की बंद हो रहे एनटीपीसी बरेठी संयत्र को सोलर संयत्र में बदलने का संकल्प म.प्र. विधानसभा द्वारा परित किया गया। इस दौरान उनके द्वारा 10 ध्यानाकर्षण एवं 23 शून्य काल की सूचनाएं दी गई। अपनी प्रशासनिक क्षमताओं के साथ-साथ वे क्षेत्र में एक सरल, सहज और जनता के बीच में रहने वाले ईमानदार जनप्रतिनिधि भी साबित हुए। जिले के अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ उनकी तुलना करने पर हमें अनुभव होता है कि उन्होंने अपने संघर्ष, कार्य व्यवहार, सरलता और सहजता के साथ-साथ सेवा और परोपकार के माध्यम से पिछले 4 वर्षों में जनता की अभूतपूर्व सेवा की है। बगैर कमीशन लिए विधायकनिधि का वितरण करना, हर समाज के लिए समाज भवन एवं ग्रामों में स्वागतद्वारों का निर्माण करना उनकी ईमानदारी का प्रतीक है। वे शासन और प्रशासन स्तर के अलावा निजी स्तर पर भी सेवा और परोपकार के सबसे अनूठे कार्य करते हैं। इनमें एक बड़ा कार्य पिछले वर्ष 15 अक्टूबर पर उन्होंने शुरू किया था जब सिर्फ 01 रूपए में आम जन को भरपेट भोजन कराने के लिए छतरपुर में चाचा की रसोई का शुभारंभ किया था। इस रसोई से भी एक वर्ष में लगभग दो लाख लोग लाभान्वित हुए हैं। वे हर माह की 19 तारीख को नि:शुल्क नेत्र शिविर का आयोजन करते हैं। प्रतिवर्ष गरीब बेटियों की शादियां कराते हैं। कन्याओं के विवाह सहित अन्य कार्यों हेतु प्रतिदिन जरूरतमंदों को आर्थिक सहायता देते हैं। कोरोना के संकट काल में विधायक श्री चतुर्वेदी ने जनसेवा के लिए जो किया वह किसी और ने नहीं किया। प्रदेश का पहला ऑक्सीजन कंसटे्रटर बैंक खोलकरएक ओर जहां अनेक उखड़ती हुईं सांसों को थामने का प्रयास किया तो वहीं विधायकनिधि का मुंह खोलकर छतरपुर की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए लाखों रूपए प्रदान किए। वे युवाओं के प्रिय चाचा तो हैं ही। एक अभिभावक के तौर पर भी हमेशा छतरपुर के साथ खड़े रहते हैं। उनके जन्मदिन पर हम ईश्वर से यही कामना करते हैं कि उनके जैसा व्यक्तित्व वान जनप्रतिनिधि हमेशा छतरपुर के साथ रहे।

RAM KUMAR KUSHWAHA
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