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Friday, December 2, 2022
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स्वास्थ्य विभाग द्वारा ऑन डिमांड स्पॉट वैक्सीनेशन की सुविधा हुई शुरु

Visfot News

छतरपुर। कोरोना टीकाकरण को बढ़ावा देने और आम जनता के लिए और अधिक सुविधाजनक बनाने हेतु अब छतरपुर जिले में कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा ऑन डिमांड स्पॉट वैक्सीनेशन कराने की सुविधा शुरू की गई है। यानि आप अपनी मर्जी से लोगों के एक समूह को टीका लगवा सकते हैं। इसके लिए कॉलोनी, सोसायटी, सामाजिक संगठन, धार्मिक एवं जातिय संगठन, व्यापारिक संगठन, शासकीय-अशासकीय कर्मचारियों के समूह स्वास्थ्य विभाग को आवेदन कर इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए कुछ आसान नियमों को पूरा करना होगा। इन नियमों को पूरा करने पर स्वास्थ्य विभाग का दल आपके बताए स्थान पर आकर सभी को वैक्सीन लगा सकता है।
इस तरह ले सकते हैं ऑन डिमांड वैक्सीनेशन का लाभ
सीएमएचओ डॉ. विजय पथौरिया ने बताया कि किसी भी समिति, मोहल्ले से जुड़े लोग एक साधारण आवेदन सीएमएचओ कार्यालय में दे सकते हैं। शर्त ये है कि लगभग 100 लोगों की संख्या ऑन डिमांड वैक्सीनेशन के लिए उपलब्ध होनी चाहिए। इन 100 लोगों में 45 प्लस और 18 प्लस के लोगों का 60-40 अनुपात होना आवश्यक है। वैक्सीन लगवाने के इच्छुक लोगों की एक सूची और उसके साथ निर्धारित की गई तारीख, स्थान की जानकारी देकर आप अपने लिए वैक्सीनेशन का सेशन बुक कर सकते हैं। जिस स्थान पर वैक्सीनेशन किया जाएगा वहां स्वास्थ्य विभाग की टीम के बैठने हेतु हवादार कमरे, पानी आदि की सुविधा आवेदक को ही करनी होगी।
शहर में 4 स्थानों पर लगेंगे 18 प्लस के टीके
बुधवार को छतरपुर में 4 स्थानों पर 18 प्लस के लोगों को कोरेाना के टीके लगाए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक सरस्वती शिशु मंदिर गल्लामण्डी, क्रिश्चियन स्कूल, नंबर 1 स्कूल एवं नंबर 2 स्कूल में 18 प्लस के लोगों को टीके लगेंगे। इनमें से सरस्वती स्कूल गल्लामण्डी एवं नंबर 2 में मौके पर ही रजिस्ट्रेशन कर टीके लगाए जाएंगे जबकि अन्य दो केन्द्रों पर 50 फीसदी लोगों को ऑनस्पॉट रजिस्ट्रेशन एवं 50 प्रतिशत लोगों को ऑनलाइन स्लॉट के आधार पर टीके लगेंगे। वहीं राधाकृष्णन स्कूल सटई रोड पर आज को वैक्सीन वालों को सेकेण्ड डोज लगेगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में वैक्सीनेशन की रफ्तार धीमी
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक शहरी क्षेत्रों में कोरेाना वैक्सीन लगवाने को लेकर लोगों में अच्छा उत्साह नजर आ रहा है। हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी लोग वैक्सीन को लेकर अपेक्षाकृत कम उत्साहित हैं। अब तक जिले भर में 45 प्लस की सिर्फ 33 फीसदी आबादी को ही टीका लग सका है।
भ्रांतियों को तोडऩे वैक्सीनेशन को लेकर जरूरी बातें
जिले में अब तक ढाई लाख लोगों को कोरेाना वैक्सीन के डोज दिए जा चुके हैं। एक भी व्यक्ति में वैक्सीन के रिएक्शन से संबंधित कोई मामला सामने नहीं आया। मधुमेह और बीपी के रोगियों को अनिवार्य रूप से टीकाकरण कराना है ये वही समूह है जो कोरोना से सबसे ज्यादा खतरे में रहता है। यदि आप शुगर और बीपी की नियमित दवाएं ले रहे हैं और ये बीमारियां नियंत्रित हैं तो बिना किसी जांच के आप टीका लगवा सकते हैं। गर्भवती माताओं, अस्पताल में भर्ती मरीजों, 18 साल से नीचे के बच्चों को कोरोना का टीका नहीं लगवाना है। प्रसव के अगले दिन ही अथवा स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भी कोरोना का टीका लगवाना है। जिन लोगों को कोरोना हो चुका है उन्हें कोरोना की रिपोर्ट के पॉजिटिव मिलने से तीन महीने बाद वैक्सीन लगवानी है। यदि पहला डोज लगवाने के बाद कोरोना हुआ है तब भी तीन माह का अंतर रखना है। किसी गंभीर बीमारी से पीडि़त लोग अस्पताल से छुट्टी होने के दो सप्ताह बाद वैक्सीन लगवा सकते हैं। यह पूरी तरह सुरक्षित है। शरीर से थाली चम्मच चिपकने के मामले पसीने से जुड़ी दूसरी बीमारी के हैं। इसका वैक्सीनेशन से कोई लेना-देना नहीं है। अफवाहों से बचें।

RAM KUMAR KUSHWAHA
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