Please assign a menu to the primary menu location under menu

Tuesday, December 6, 2022
खास समाचार

छतरपुर को देश के 106 आकांक्षी जिलों की सूची में रखा गया

Visfot News

छतरपुर। लंबे समय तक पिछड़ेपन का दंश झेलते रहे छतरपुर जिले में अब बदलाव के दिन शुरू हो गए हैं। नीति आयेाग भारत सरकार एवं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सहयोग से देश के जिन 106 जिलों को आकांक्षी जिलों की सूची में रखा गया है उसमें मप्र के 8 जिलों में छतरपुर का नाम भी शुमार है। अब यहां स्मार्ट एजुकेशन का नया दौर शुरू होने जा रहा है। आकांक्षी जिला होने के कारण यहां शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और सिंचाई के साधनों में विकास के लिए अलग से बजट उपलब्ध कराकर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा प्रयास इस वर्ष शुरू हो रहा है। मप्र सरकार के प्रयासों के बाद कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह और जिला शिक्षा अधिकारी संतोष शर्मा ने स्थानीय स्तर पर बच्चों की जरूरतों के आधार पर नीति आयोग को स्मार्ट क्लास के लिए एक प्रस्ताव भेजा था जिसे शासन ने मंजूर कर लिया है। इस प्रस्ताव के अंतर्गत जिले के 106 स्कूलों में हाईटेक स्मार्ट क्लास शुरू की जाएंगी। इन स्मार्ट क्लासों के माध्यम से प्रशिक्षण लेकर आए शिक्षक विद्यार्थियों को विश्व स्तरीय शिक्षा से रूबरू कराएंगे। मप्र में आकांक्षी जिलों की सूची में 8 जिले शामिल हैं। इन जिलों में शिक्षा को लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर संबंधी विकास के लिए पिछले तीन वर्षों से प्रयास हो रहे हैं। अब छतरपुर में आधारभूत संरचनाओं की पर्याप्त उपलब्धता होने के कारण कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह ने नीति आयोग को स्मार्ट क्लास से जुड़ा प्रस्ताव भेजा था। शासन द्वारा विद्यार्थियों को विश्व स्तरीय शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रस्ताव को मंजूरी दी गई और लगभग तीन करोड़ रूपए की राशि शिक्षा के क्षेत्र में खर्च करने के लिए बजट पास किया गया। मप्र में छतरपुर अकेला जिला है जहां एक साथ 106 स्कूलों में स्मार्ट क्लास के माध्यम से पढ़ाई शुरू होगी। जिला शिक्षा अधिकारी संतोष शर्मा ने बताया कि इन स्कूलों का चयन विभिन्न मापदण्डों को ध्यान में रखकर किया गया है। इनमें माध्यमिक, हाईस्कूल और हायर सेकेण्डरी स्कूल सभी शामिल हैं। जिले के सभी मॉडल स्कूल, एक्सीलेंस स्कूल इस परियोजना का हिस्सा होंगे। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों में मौजूद देहात के स्कूलों को भी जोड़ा गया है ताकि पिछड़े से पिछड़े क्षेत्र के विद्यार्थी नि:शुल्क रूप से स्मार्ट एजुकेशन का लाभ ले सकें।
प्राइवेट स्कूल छोड़ सरकारी स्कूलों में बढ़ रहे बच्चे
जिला शिक्षा अधिकारी संतोष शर्मा कहते हैं कि पिछले दो-तीन वर्षों में छतरपुर जिले में शासकीय शिक्षा पद्धति में हो रहे सुधारों, एक्सीलेंस स्कूल और मॉडल स्कूल के बच्चों के शानदार परिणामों के कारण बच्चों और उनके अभिभावकों का रूझान शासकीय स्कूलों की तरफ बढ़ा है। कोरोना महामारी के दौरान निजी स्कूलों में भारी फीस चुकाने में असफल रहे अभिभावक भी इस वर्ष अपने बच्चों के दाखिले सरकारी स्कूलों में करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में भी सर्वश्रेष्ठ शिक्षक और सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर प्रगति हो रही है। स्मार्ट क्लास के लिए जिस कंपनी को काम दिया गया है वह कंपनी अब तक 60 स्कूलों में स्मार्ट एजुकेशन सिस्टम लगा चुकी है शेष स्कूलों में कुछ ही दिनों में यह सिस्टम स्थापित हो जाएगा। इसके लिए शिक्षकों को भी प्रशिक्षित कराया जा रहा है ताकि वे विद्यार्थियों को हाईटेक एजुकेशन दे सकें।

RAM KUMAR KUSHWAHA
भाषा चुने »