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Friday, December 2, 2022
मध्यप्रदेश

मप्र में तेज हुई उपचुनाव की हलचल…दावेदारों ने बढ़ाई सक्रियता

Visfot News

भोपाल। कोरोना की दूसरी लहर शांत पड़ते ही खंडवा संसदीय एवं पृथ्वीपुर, रैगांव और जोबट विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में उपचुनाव की हलचल शुरू हो गई है। चुनाव आयोग की सक्रियता के साथ दावेदार भी सक्रिय हो गए हैं। सबसे अधिक हलचल खंडवा लोकसभा सीट पर देखी जा रही है। संभावना जताई जा रही है की कांग्रेस एक बार फिर अरूण यादव पर दांव लगा सकती है।
खंडवा में लोकसभा उपचुनाव को लेकर चुनाव आयोग की तैयारियों के बीच भाजपा-कांग्रेस के संभावित दावेदार भी आगे आ रहे हैं। कांग्रेस से अरुण यादव अपनी दावेदारी जता चुके हैं, तो भाजपा में अभी तक खुलकर कोई सामने नहीं आया। हालांकि, पूर्व मंत्री अर्चना चिटनिस का कहना है कि उनकी पार्टी में कार्यकर्ता होते हैं न कि दावेदार। दावेदारी की प्रथा भाजपा में नहीं है।
हर्षवर्धन सिंह भी आस लगाए
सांसद नंदकुमार सिंह चौहान के निधन के बाद उनके बेटे हर्षवर्धन सिंह अभी तक खुलकर सामने नहीं आए हैं। उन्होंने कहा कि हम तो पार्टी के कार्यकर्ता हैं। टिकट की बात है, तो यह निर्णय पार्टी लेगी। कांग्रेस से अरुण यादव का कहना है कि मेरी खंडवा लोकसभा उपचुनाव लडऩे की पूरी तैयारी है। पार्टी टिकट देगी, तो जरूर चुनाव लड़ूंगा। पार्टी में भी यादव को टिकट दिए जाने पर लगभग सहमति है। इससे पहले अरुण यादव खंडवा संसदीय क्षेत्र से 2009 का चुनाव जीतकर सांसद बने और मनमोहन सरकार में मंत्री भी रहे हैं।
चिटनिस भी सक्रिय
पूर्व मंत्री अर्चना चिटनिस भी क्षेत्र में सक्रिय हैं। उपचुनाव से पहले सक्रियता के सवाल पर पूर्व मंत्री अर्चना चिटनिस ने कहा, नंदू भैया के न रहने से क्षेत्र को बड़ी क्षति हुई है। हम लोग पार्टी कार्यकर्ता, जनसेवक बनकर उनकी कमी को पूरा कर रहे हैं। बुरहानपुर के अलावा, खंडवा-खरगोन के कार्यकर्ता व लोग समस्या लेकर आते हैं, तो मुख्यमंत्री व संबंधित मंत्री-अफसरों से उनका निराकरण कराती हूं। रही बात उपचुनाव की, तो अरुण यादव कांग्रेस से दावेदारी जता रहे हैं। भाजपा में दावेदारी की प्रथा ही नहीं है। यहां पार्टी का हर सदस्य कार्यकर्ता बनकर काम करता है न कि दावेदार।

RAM KUMAR KUSHWAHA
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