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Tuesday, December 6, 2022
डेली न्यूज़

खुलेआम हो रहा है गांजे का अवैध कारोबार

Visfot News

सरहदी राज्य से गांजे की तस्करी पुलिस के लिए चुनौती

माफिया की सूटकेस संस्कृति बनी सुरक्षा कवच

चाचा भतीजा की जोड़ी बनी नंबर वन- जन चर्चा में

नौगॉवबीते एक दशक से जिले का बहुत चर्चित गांजा माफिया का अवैध कारोबार सूटकेश संस्कृति के चलते फल – फूल रहा है लेकिन आज तक माफिया के इस अवैध कारोबार पर परमानेंट अंकुश नहीं लग पा रहा है बीते एक दशक के दौरान कई टीआई आए और गए लेकिन कभी भी सख्त कार्यवाही नहीं की गई और कार्यवाही होती भी है तो जब्त गांजे की मात्रा कम दिखाकर साथ धाराये भी कमजोर लगाई जाती है और माफिया चंद दिनों में ही जेल की सलाखों से बाहर आ जाता है जिसको लेकर कभी जिले में बैठे आला अधिकारियों की मंशा पर तो कभी स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए जाते रहे है जिसका नतीजा है कि चाचा भतीजा की नंबर वन बनी जोड़ी जहॉ जन चर्चा का विषय बनी हुई है तो वही यह नंबर वन जोड़ी गांजा प्रेमियों की पहली पसंद बन गई है नगर नौगांव में पिछले एक दशक से भी ज्यादा समय से गांजे का काला कारोबार जमकर फल फूल रहा है नगर सहित ग्रामीण इलाकों की गलियो में बिक रही नशीली वस्तुएं युवाओं की जिंदगी तबाह कर रही है आलम यह है कि सिविल अस्पताल के पीछे से संचालित गांजे का कारोबार इस कदर फैल गया है कि गांजा माफिया जिले का बहुत चर्चित माफिया बन गया है तो वही चाचा भतीजे की जोड़ी गांजे की बिक्री को लेकर जन चर्चा का विषय बन गई है स्थिति यह है कि नगर में जगह-जगह खुले पुलिस प्रशासन की आंख के नीचे गांजे की बिक्री हो रही है नगर के गली मोहल्लों में गांजा आसानी से उपलब्ध हो रहा है लेकिन पुलिस ध्रतराष्ट की भूमिका मैं मशरूफ है वहीं अन्य नवगत टी आई की तरह हाल ही में पदस्थ टी आई ने भी जुआ फडं पर छापामार कार्यवाही कर इस बात के संकेत अवैध कारोबार में लिप्त लोगों को दे दिए है कि मेरी मंशा क्या है वरना ऐसी कार्यवाही की जाएगी टी आई की छापामार कार्यवाही से लोगों को इस बात की उम्मीद नहीं है कि नवगत टी आई अपराधियों और माफियाओं पर नकेल कसेगें क्योंकि अन्य नवगत टी आई की तरह इन्हें भी उसी श्रेणी में देखा जा रहा है यही वजह है कि अबैध कारोबार करने वालों के हौसले बुलंद है बीते एक दशक के दौरान गाजा माफिया और उसके भतीजे पर आज तक पुलिसिया चाबुक नहीं चला यह बताना जरूरी है कि नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों मैं शाम होते ही गांजे की पुड़िया बेची जा रही है जिसमें ज्यादातर छोटे तबकों के अलावा नगर के रसूखदारो की भी मौजूदगी की रहती है गांजा प्रेमियों का कहना है कि इस माफिया की काला कारोबार पर नगर की पुलिस ही नहीं जिले की पुलिस भी जेल की सलाखों के पीछे एक सप्ताह के लिए भी नहीं पहुंचा सकती है गांजा प्रेमियों की इस बात पर इसलिए भी यकीन किया जा सकता है कि बीते एक दशक के दौरान चाचा भतीजा पर सख्त कार्यवाही नहीं की गई और कार्यवाही होती भी है तो सूटकेश संस्कृति के चलते धाराएं भी ऐसी लगाई जाती हैं कि चार-पांच दिनों के बाद जमानत मिल जाती है माफिया के करीबी लोगों की बात पर यकीन किया जाए तो *माफिया के संबंध पुलिस के साथ
आबकारी विभाग तक जुड़े बताए जाते हैं सूत्र बताते हैं कि पिछले एक-दो साल से गांजा में नशीला केमिकल मिलाकर प्रति पुड़िया 60 से ₹120 तक बेची जाती है इतना ही नहीं नगर से सटे ग्रामीण इलाकों में भी गांव के एजेंट यहां से थोक में गांजा ले जाते है पूरा नेटवर्क ऐसे ही चलता है कि मानो शासकीय मान्यता प्राप्त हो जिस का नजारा भी नगर में स्थित पशु अस्पताल चौराहा ईशा नगर चौराहा क्लब रोड धार्मिक स्थलों और खुले खेल के मैदान मैं शाम होते ही दिखने लगता है कुल मिलाकर बीती एक डेढ़ दशक से समांतर अवैध गांजे का काला कारोबार करने वाले गांजा माफिया( चाचा भतीजा) जन चर्चा में है जन चर्चा पर गौर किया जाए तो गांजा माफिया ने सूट के संस्कृति के चलते स्थानीय पुलिस हो या जिले में बैठे पुलिस अधिकारी या फिर आबकारी विभाग सभी जगह रिश्ते बना रखे है और कई बार राजनैतिक सपोर्ट का भी इस्तेमाल करने का हुनर भी माफिया अच्छी तरह जानताहै

प्रतिमाह लाखों का कारोबार
पुलिस प्रशासन द्वारा बीते एक दशक से सख्त कार्यवाही नहीं होने से नशे के नाम पर मौत की पुड़िया बेची जा रही है एक अनुमान के मुताबिक नगर सहित ग्रामीण इलाकों में प्रतिमाह 1000000 से 1500000 रुपए की गांजे की बिक्री हो रही है जिसकी दो बजह संभव है या तो गांजा पुलिसिया संरक्षण में फल – फूल रहा है या फिर पुलिस खुफिया तंत्र माफिया के तंत्र से कमजोर है यही कारण है कि नगर मैं यह व्यापार तेजी से लोगों के बीच नशा बांट रहा है नशे के इस अवैध कारोबार को रोकने के लिए नारकोटिक्स एक्ट बनाया गया है लेकिन पुलिस व आबकारी विभाग गांजे की बिक्री पर अंकुश नहीं लगा पा रही है नगर में शाम होते ही अक्सर देखा जाता है कि नशे के आदी हो चुके युवा कहीं भी चिलम सुलगाने लगते है चाहे वह प्राइमरी स्कूल का इलाका हो या ईशा नगर चौराहा या फिर खुला मैदान गांजे का नशा करते देखा जा सकता है सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इन दिनों सिविल अस्पताल के पीछे स्थित किराना की दुकान से संचालित गंजे की बिक्री करने वाले चाचा भतीजा जहां गंजेडियो की पहली पसंद बने हुये है यह जोड़ी जन चर्चा में है इतना ही नहीं इस अवैध कारोबार को जिस तरह से संचालित किया जा रहा है और कार्यवाही नहीं होने के चलते लोग माफिया के इस हुनर की तारीफ करने लगे है तारीफ करना भी लाजमी हो जाता है बीते एक दशक से प्रतिमाह लाखों का अवैध कारोबार सतत् चल रहा है और संबंधित विभाग के छोटे से लेकर जिला स्तर के अधिकारी भी माफिया के खिलाफ ऐसी कोई भी सख्त कार्यवाही नहीं कर पा रहे जिसकी प्रशंसा की जा सके हैरत की बात है कि बीते इन वर्षों में कई जिला स्तर के अधिकारी और थाना टीआई आए और गए लेकिन मजाल है कि कोई सख्त कार्यवाही कर इस काले कारोबार को को हमेशा के लिए बंद करा सके

ritish ritishsahu
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