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Tuesday, December 6, 2022
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करवा चौथ पर उच्च के चंद्रमा के साथ रोहणी नक्षत्र का मंगलकारी संयोग

करवा चौथ पर उच्च के चंद्रमा के साथ रोहणी नक्षत्र का मंगलकारी संयोग

करवा चौथ पर उच्च के चंद्रमा के साथ रोहणी नक्षत्र का मंगलकारी संयोगकरवा चौथ पर उच्च के चंद्रमा के साथ रोहणी नक्षत्र का मंगलकारी संयोग
Visfot News

भोपाल। अखंड सौभाग्य की कामना से सुहागिन में महिला करवा चौथ का व्रत 24 अक्टूबर रविवार को रखेगी। इस मौके पर उच्च का चंद्रमा और रोहणी नक्षत्र का मंगलकारी संयोग बनेगा। ज्योतिर्विदों के अनुसार इस वर्ष बन रहे खास संयोग में व्रत-पूजन से महिलाओं को अखंड सौभाग्य का आशीष मिलेगा। व्रत की अवधि 13 घंटे 59 मिनट रहेगी और चंद्रोदय रात 8.26 बजे होगा। इस अवसर पर शहरभर में सामूहिक करवा चौथ के उद्यापन सहित पूजा-अर्चना के आयोजन होंगे। ज्योतिर्विद आचार्य शिवप्रसाद तिवारी के अनुसार कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर 24 अक्टूबर को तड़के 3 बजकर 02 मिनट से 25 की सुबह 5.43 बजे तक रहेगी। इस दिन रोहणी नक्षत्र 23 को रात 9.54 से 24 की रात 1.02 बजे तक है। इस दौरान वृषभ का चंद्रमा रहेगा। इसके कारण करवा चौथ का व्रत खास बन गया है। चंद्रमा जब अपनी उच्च राशि में हो तो वह मनोवांछित फल प्रदान करता है। इसके साथ ही रोहणी नक्षत्र चंद्रमा की 27 पत्नियों में रोहणी को सबसे प्रिय माना जाता है। इस मंगलकारी संयोग में अखंड सौभाग्य की कामना से किया गया पूजन फलित होता है। एक राशि में चंद्रमा करीब सवा दो दिन रहता है। इस दिन व्रत की अवधि सूर्योदय 6.27 से चंद्रोदय रात 8.26 तक 13 घंटे 59 मिनट तक रहेगी। चंद्रोदय के 17 मिनट बाद क्षितिज पर नजर आएगा।
चंद्रमा को अघ्र्य देकर होगा अन्ना जल ग्रहण
ज्योतिर्विद् राजेश चौबे के अनुसार करवा चौथ पर महिलाएं पति के दीर्घायु के लिए व्रत की विभिन्ना रस्म निष्ठा के साथ करती हैं। इस दिन भगवान शिव, माता पार्वती और कार्तिकेय के साथ-साथ भगवान गणेश की पूजा की जाती है। अपने व्रत को चंद्रमा के दर्शन कर अघ्र्य अर्पण करने के बाद पूरा किया जाता है। इसके बाद महिलाएं अन्ना-जल ग्रहण करती हैं। व्रत सूर्योदय से रात्रि को चंद्रमा के दर्शन तक किया जाता है।

RAM KUMAR KUSHWAHA
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