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Saturday, April 20, 2024
खास समाचार

औषधीय शराब शुगर कम कर बढ़ाएगी इम्युनिटी

Visfot News

रिसर्च स्कॉलर्स ने फलों और पत्तियों से बनाई 10 प्रकार की शराब
भोपाल। आज शुगर एक ऐसी बीमारी हो गई है, जो कई अन्य रोगों का जन्म देती है। कोरोना संक्रमण काल में को शुगर को सबसे खतरनाक माना जा रहा है। ऐसे में जीवाजी यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर ट्रांसलेशनल रिसर्च सेंटर में शिक्षक तथा दो रिसर्च स्कॉलर्स ने फलों और उनके पेड़ की पत्तियों से 10 प्रकार की औषधीय शराब (वाइन) बनाई है। दावा है कि यह स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है और इससे डायबिटीज व कॉलेस्ट्रॉल कंट्रोल हो सकता है।
स्कॉलर्स का दावा है कि इस औषधीय शराब से इम्युनिटी लेवल भी बढ़ेगा। औषधीय शराब में 8 से 14 प्रतिशत तक एल्कोहल होता है। दावा है कि इतने तरह की शराब देश की किसी भी यूनिवर्सिटी की लैब में तैयार नहीं की गई है। आम के पत्तों की शराब का पेटेंट कराया जा रहा है। अन्य शराब के लिए आयुर्वेदिक दवा कंपनी तथा पेय पदार्थ बनाने वाली कंपनियों से बात चल रही है।
फलों के पत्तों से बनी किस शराब का क्या गुण
स्कॉलर्स द्वारा बनाई गई शराब के अपने-अपने गुण हैं।
पपीते के पत्ते की शराब: पत्ते में पापाइन, कीयो पापाइन, कोमेरिन तत्व व एंटी डायबिटिक गुण होते हैंैं।
जैतून के पत्ते की शराब: ऑलियारायिन, कैफिक एसिड जैसे तत्व एंटी डायबिटिक गुण रखते हैं।
सीताफल के पत्ते की शराब: एसिटोजेनिन, रियूटिन जैसे तत्व इसे सेहत के लिए अच्छा बनाते हैं।
अमरूद के पत्ते की शराब: एविनोइड, अल्फा केडिनॉल, नेरिन जेनिन तत्व होते हैं। यह डायबिटीज कम करती है।
आम के पत्ते की शराब: इसमें मैग्नीफेरिन, बेंजोफिनॉल, जैंथोन जैसे बायोएक्टिव तत्व होते हैं जो शुगर व कैंसर की रोकथाम करते हैं।
आंवला: गैलिक एसिड, इलेजिक एसिड तत्व इम्युनिटी बढ़ाते हैं।
बेल: मार्मिलोसिन, कोमेरिन आिद तत्व पाचन शक्ति ठीक कर शुगर को नियंत्रित करते हैं।
जामुन: इसमें मौजूद तत्व शुगर को नियंत्रित करते हैं।
सेव: हाइड्रोसिनेमिक एसिड, केटेकिन जैसे तत्व हृदय से जुड़ी बीमारियों को कम करते हैं।
गिलोय: टीनोकार्डियो आदि तत्व इम्युनिटी लेवल बढ़ाते हैं।

ऐसे बनाई जाती है शराब
पत्तों या फलों को साफ पानी से धोकर पानी में डाल देते हैं फिर उस को पीसकर उसमें गुड़ एवं यीस्ट मिलाकर 15 दिन के लिए रख दिया जाता है। उसके पश्चात फिल्टर करके 4 डिग्री तापमान पर स्टोर किया जाता है। यह रिसर्च प्रो. जीबीकेएस प्रसाद तथा उनकी दो रिसर्च स्कॉलर रुपाली दत्त और ललिता कुशवाह द्वारा की गई है। प्रो. प्रसाद के अनुसार चूहों पर फल व पत्तों की शराब का उपयोग करने के बाद यह पाया गया है कि यह रक्त शर्करा को कम कर कोलेस्ट्रॉल लेवल को नियंत्रित करती है। औषधीय शराब में एंटी डायबिटिक, एंटी कैंसर, एंटीऑक्सीडेटिव, एंटी इनफ्लेमेट्री गुण पाए जाते हैं।

RAM KUMAR KUSHWAHA
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