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Tuesday, December 6, 2022
खास समाचारमध्यप्रदेश

प्रदेश के सभी स्कूलों को सेंट्रल सर्वर से जोड़ा जाएगा

Visfot News

मप्र में बच्चों को नशे से बचाएगा कवच, दो साल पहले बनाया था प्रोजेक्ट, कोरोना के कारण खटाई में पड़ा था; अब जल्द अमल में लाएंगे
भोपाल । स्कूली बच्चों व युवाओं को नशे से बचाने के लिए प्रोजेक्ट कवच कोरोना व अन्य कारणों के चलते दो वर्षों से खटाई में पड़ा था, उसे जल्द ही गति मिलने वाली है। इससे प्रदेश के सभी स्कूलों को सेंट्रल सर्वर से जोड़ा जाएगा। उन्हें नशामुक्ति का पाठ पढ़ाया जाएगा। यह प्रोजेक्ट इसलिए तैयार किया गया है, क्योंकि 2018 में केंद्र से जुड़ी रिपोर्ट में मप्र के नौनिहाल नशे के मामले में देश में दूसरे नंबर पर पाए गए थे। कवच प्रोजेक्ट टेंडर के लिए मामला पीएचक्यू भेज दिया गया है। जल्द ही यह काम करने लगेगा।
दरअसल, प्रदेश में युवाओं के नशे में गिरफ्त में होने का मुद्दा परिवारों व नारकोटिक्स विभाग के लिए चिंता बन गए हैं। ड्रग तस्कर पैडलर्स के माध्यम से युवाओं को नशा उपलब्ध कराते हैं। इसमें स्कूल व कॉलेज दोनों के ही छात्र हैं। दूसरी ओर विभाग की समस्या है, इतना स्टाफ व संसाधन नहीं है कि लगातार नशा मुक्ति के प्रति स्कूलों में जाकर जागरुकता अभियान चलाए। इसके चलते मीडिया-सोशल मीडिया, पैम्पप्लेट्स, पोस्टर्स आदि के जरिए जरूर जागरुकता का संदेश दिया जाता है।
ये है कवच प्रोजेक्ट
2019 में नारकोटिक्स विभाग के तत्कालीन एडीजी वरुण कपूर ने कवच प्रोजेक्ट को दिशा दी थी। इसके तहत प्रोजेक्ट को मूर्त रूप देने के लिए विभाग ने दिल्ली में केंद्र को इसकी रूपरेखा, संचालन, नशे पर नियंत्रण, सेंट्रललाइजेशन सिस्टम आदि की जानकारी देने के साथ प्रस्ताव भेजा गया था। इसकी लागत 2 करोड़ रु. से ज्यादा की है। तब केंद्र ने यह प्रस्ताव स्वीकृत भी कर दिया, लेकिन फिर चुनाव के चलते आचार संहिता, विधानसभा चुनाव, लोकसभा चुनाव और फिर नई सरकार के गठन के चलते मामला अटक गया। इस बीच प्रदेश में अधिकारियों के तबादले हुए, जिसके कारण भी मामला लंबित रहा। फिर एडीजी (नारकोटिक्स) अजय शर्मा के कार्यकाल में कवच प्रोजेक्ट को केंद्र से स्वीकृत मिली, लेकिन बजट की राशि नहीं मिली। जनवरी 2020 में प्रोजेक्ट को गति देने के प्रयास हुए, लेकिन मार्च में कोरोना संक्रमण के दौरान प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में चला गया। अब संक्रमण कम होने के बाद इसे गति मिली है। आईजी (नारकोटिक्स) जीजी पांडे ने बताया, कवच प्रोजेक्ट की रूपरेखा व प्रस्ताव तैयार कर टेंडर के लिए पीएचक्यू भेज दिया है। टेंडर प्रक्रिया के बाद जल्द ही इसे शुरू किया जाएगा।

ऐसे काम करेगा
सेंट्रल सर्वर से प्रदेश के स्कूलों को जोड़ा जाएगा। इसके माध्यम से नशामुक्ति अवेयरनेस प्रोग्राम व स्लाइड के माध्यमों से देंगे। इसमें नशे के दुष्परिणाम व उससे जुड़ी पठनीय सामग्रियां आदि रहेंगी। सिस्टम के तहत हर स्कूल प्रबंधन को इसके संचालन की ट्रेनिंग दी जाएगी। कवच को लगातार अपडेट किया जाता रहेगा, ताकि छात्रों को वर्तमान परिस्थितियों से अवगत कराया जा सके।

RAM KUMAR KUSHWAHA
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