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Friday, December 2, 2022
खास समाचारमध्यप्रदेश

पेट्रोल पर केन्द्र सरकार 32.90 और मप्र सरकार 31.90 रुपए वसूलती है

Visfot News

पेट्रोल-डीजल की बिक्री बढ़ाने से होगी राजस्व की भरपाई, टैक्स कम करके किया जा सकता है मंहगाई पर भी नियंत्रण
भोपाल। मध्यप्रदेश में पेट्रोल-डीजल के आसमान छूते दाम ने आम लोगों की हालत पतली कर दी है। वहीं पेट्रोल-डीजल के महंगे होने से अन्य सामान भी महंगा होने लगा है। पेट्रोल पर टैक्स वसूली के मामले में मध्य प्रदेश देश में सबसे आगे है। महंगाई की मार से पस्त हो चुकी प्रदेश की जनता को राहत देने पेट्रोल- डीजल बिक्री के क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि टैक्स कम करके बिक्री बढ़ाकर राजस्व की भरपाई की जा सकती है। वहीं, टैक्स कम करके मंहगाई पर भी नियंत्रण किया जा सकता है। मालूम हो, मध्य प्रदेश में पेट्रोल पर 31.55 रुपये प्रति लीटर वैट के अलावा साढ़े चार रुपये सरचार्ज भी वसूला जा रहा है। डीजल पर वैट की वसूली के मामले में राहत है और मध्य प्रदेश से ज्यादा टैक्स राजस्थान, महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों में है। डीजल पर मप्र 21.68 रुपये वैट वसूलता है। वहीं, केंद्र सरकार पेट्रोल पर 32.90 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 31.80 रुपये प्रति लीटर का निश्चित उत्पाद शुल्क लगाती है। पेट्रोल-डीजल बिक्री के क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि जब पेट्रोल और डीजल की कीमतें कम थीं, तब टैक्स बढ़ाकर सरकार अतिरिक्त राजस्व प्राप्त करती थी। अब पेट्रोल-डीजल की कीमतें अधिक होने से टैक्स कम कर बिक्री बढ़ाई जा सकती है। वे कहते हैं कि मध्य प्रदेश में डीजल की खपत कम हो गई है क्योंकि महाराष्ट्र से आने वाले वाहन वहीं से डीजल भरवा रहे हैं। यदि सरकार टैक्स कम कर दे तो कीमतें कम रहेंगी और अन्य राज्य के वाहन यहां से पेट्रोल-डीजल लेंगे। इससे बिक्री बढ़ेगी और राजस्व में कमी नहीं आएगी। इस बारे में राजधानी के कर सलाहकार एवं अधिवक्ता मिलिंद शर्मा का कहना है कि सरकार की वित्तीय स्थिति को भी दिखाता है। अन्य मद से राजस्व वसूली में कमी की भरपाई सरकार पेट्रोल या डीजल से कर रही है। इस पर टैक्स कम कर सरकार प्रदेश स्तर पर महंगाई पर नियंत्रण कर सकती है।

RAM KUMAR KUSHWAHA
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