Please assign a menu to the primary menu location under menu

Tuesday, December 6, 2022
डेली न्यूज़

उत्तरप्रदेश प्रदेश में हो सकता है तो मध्यप्रदेश में क्यों नहीं पूछती है- जनता

Visfot News

सीएम से सरपंचों की संपत्तियों की जांच की मांग

नौगांव भ्रष्टाचार के कम जोखिम और अधिक कमाई वाली गतिविधि बनने के साथ न्याय प्रणाली में भी शिकायतें करने वालों की कम और वरिष्ठ अधिकारियों की अधिक सुनी जाती है जिसका नतीजा है कि नेताओं व अधिकारियों के साथ अब सरपंचों को भी यह बीमारी लग गई है और उत्तर प्रदेश सरकार ने जिस प्रकार से केंद्र सरकार से आदेश लेकर मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के प्रधानों की संपत्तियों की जांच के आदेश दिए है उसी तरह से मध्य प्रदेश के सीएम से क्षेत्र के बुद्धिजीवियों ने पत्र लिखकर सरपंचों की संपत्तियों की जांच की मांग की है जिसमें इस बात का भी उल्लेख है कि पंचायत चुनाव से पहले संपत्तियों की जांच की जाए
गब्बर सिंह जैसे दबदबा रखने वाले सरपंचों की बढ़ेगी परेशानी”
दिनोंदिन प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा जो पैसा दिया जा रहा है उसका ब्यौरा लेने के साथ सरपंचों की बढ़ रही अमीरी से लोग परेशान हैं नेताओं व अफसरों के बाद सरपंचों की बारी आना चाहिए लोगों ने कहा है कि बीते पॉच सालों में कितनी संपत्ति बनाई गई सरपंच बनने से पहले किस गाड़ी से चलते थे और कैसे इजाफा हुआ इसकी जांच होना चाहिए साथ ही सरकार को इस बात की पड़ताल करना चाहिए कि 5 सालों में योजनाओं पर कितना खर्च किया गया आगे पत्र में कहा कि राज्य सरकार सरपंचों का इतिहास भी खंगाले की आर्थिक स्थिति पहले और अब कैसी है मनरेगा मैं खाद्य वितरण में क्या भूमिका होती है पंचायत चुनाव से पहली और अब सरपंचों की दौलत कितनी है वह आर्थिक स्थिति क्या थी और आय का स्रोत क्या था
पैसे का कितना हुआ उपयोग
गांव में केंद्र व राज्य सरकारों की जो योजनाएं चल रही है उसमें देखा जाए कितनी धनराशि मिली हुआ कितना काम हुआ या नहीं इतना ही नहीं सीएम को जारी पत्र के अंत में कहा गया कि राज्य सरकार सरपंचों की आर्थिक स्थिति का पता लगाए व सरपंच बनने के बाद जो आर्थिक विकास स्वयं का किया है उसका स्रोत क्या है

ritish ritishsahu
भाषा चुने »